Akola Pdkv News:"पारदर्शी प्रशासन के साथ किसान केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा - कुलपति डॉ. शरद गडाख
नवनियुक्त कुलपति डॉ. शरद गडाख ने डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति का संभाला पदभार
अकोला- किसानों को केन्द्र बिन्दु मानकर सरल आसान परिस्थितिजन्य, सामयिक व्यावसायिक कृषि तकनीक के प्रचार-प्रसार से कृषि विश्वविद्यालय को पूर्ण रूप से आत्मनिर्भर बनाना उनकी प्राथमिकता है ऐसा कुलपति डॉ. शरद गडाख ने कहा। पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय, अकोला के नवनियुक्त कुलपति ने आज अपना पदभार डॉ दिलीप मलखेड़े से स्वीकारा। कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोजित अधिकारियों वर्ग की बैठक को मार्गदर्शन किया। चूंकि उन्हें महाराष्ट्र और विदर्भ में कृषि व्यवसाय का समग्र ज्ञान है और तीन दशकों से अधिक समय से इस विषय में अनुसंधान के साथ काम कर रहे हैं, उन्हें विश्वास है कि वे दी गई स्थिति में किसानों की आय बढ़ाने के उपायों को लागू करने का प्रयास करेंगे। गदाख ने आगे कहां की वीश्वविद्यालयों में अपर्याप्त जनशक्ति की समस्याओं को हल करने, श्रमिकों की समस्याओं, अनुसंधान केंद्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वातावरण का निर्माण, अधिकारी-कर्मचारी वर्गों का सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता अनुसंधान केंद्र और कृषि विज्ञान केंद्र प्रणाली सहित गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा पद्धति, शैक्षिक का एक नेटवर्क बनाना पूरे विदर्भ स्तर पर संस्थानों और आत्मनिर्भर विश्वविद्यालय के सपने को साकार करने की दिशा में भी. जोर दे दिया जाएगा।
अपने अति आत्मविश्वास और रणनीतिक संबोधन में डॉ. गडाख ने सकारात्मक नीति अपनाकर विश्वविद्यालय की भविष्य की यात्रा को प्रगति और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने के लिए सभी को प्रोत्साहित किया और सुलह और परामर्श के माध्यम से पारदर्शी प्रशासन को अपनाकर आने वाली समस्याओं को हल करने की प्रवृत्ति व्यक्त की।
अगर किसान अमीर बनेंगे तो देश अमीर बनेगा और इसके लिए देश के सभी कृषि और गैर-कृषि विश्वविद्यालय एक साथ आएं और एक एकीकृत प्रयास करें ऐसा डॉ दिलीप मलखेड़े ने अपने संबोधन में कहा। कुलपति कार्यालय मे हाल में संपन्न हुई इस बैठक के अवसर पर विश्वविद्यालय कार्यकारिणी परिषद के सदस्य विट्ठल सरप पाटिल, अनुसंधान निदेशक डॉ. विलास खर्चे , निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. धनराज उंदीरवाडे, कृषि निदेशक डॉ. शमसुंदर माने, कृषि इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर सुधीर वडतकर, सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. ययाति तायडे, डॉ. प्रकाश नागरे, कुलसचिव डॉ. सुरेंद्र कालबांडे, विश्वविद्यालय नियंत्रक प्रमोद पाटिल, विश्वविद्यालय अभियंता श्रीमती रजनी लोणारे, विश्वविद्यालय ग्रंथपाल ए बी भोसले, विश्वविद्यालय के सभी वरिष्ठ अनुसंधान वैज्ञानिक, विभागाध्यक्ष, अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। राहुरी कृषि विश्वविद्यालय से विशेष रूप से भाग लेने वाले डॉ. संजय टोडमल, डॉ. सूरज गदाख, डॉ. महेश घाडगे, डॉ. सचिन सदाफल, डॉ. पंडित खरडे, डॉ. डीपी पचराणे, डॉ. बीए देशमुख
आदि मौजूद थे। इससे पूर्व कुलपति का पदभार ग्रहण करने से पूर्व डॉ. शरद गडख ने विश्वविद्यालय शहीद स्मारक पर विश्वविद्यालय के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और डॉ. कृषि क्रांति के प्रणेता स्वर्गीय भाऊसाहेब पंजाबराव देशमुख को पंजाबराव देशमुख स्मृति केंद्र में जाकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
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